जनगणना के प्रथम चरण को लेकर जानकारी देते जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी
30 नवंबर तक ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे परिवार का ब्योरा, दिसंबर में घर-घर पहुंचेंगे प्रगणक
देवरिया। जिले में आगामी जनगणना की तैयारियों को लेकर प्रशासन ने नागरिकों से सहयोग की अपील की है। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने कहा कि जनगणना से मिलने वाले आंकड़े जिले की आबादी, बुनियादी सुविधाओं और विकास संबंधी जरूरतों को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में प्रत्येक परिवार का सही विवरण दर्ज होना जरूरी है।
डीएम के अनुसार, जनगणना की प्रक्रिया निर्धारित कार्यक्रम के तहत तीन चरणों में पूरी की जाएगी। पहले चरण में 16 से 30 नवंबर 2026 तक नागरिकों को स्वयं ऑनलाइन जानकारी दर्ज करने की सुविधा मिलेगी। इसके लिए आधिकारिक पोर्टल पर परिवार से संबंधित निर्धारित 40 बिंदुओं पर विवरण भरना होगा। प्रक्रिया पूरी होने के बाद मिलने वाली सेल्फ एन्यूमरेशन आईडी (एसई आईडी) को सुरक्षित रखना होगा। ऑनलाइन विवरण भरने में असमर्थ नागरिक प्रगणक को निर्धारित प्रपत्र के माध्यम से जानकारी दे सकेंगे।
दूसरे चरण में 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक प्रगणक घर-घर जाकर परिवारों का विवरण एकत्र करेंगे और उसका सत्यापन करेंगे। ऑनलाइन जानकारी भर चुके परिवारों को अपनी एसई आईडी प्रगणक को देनी होगी, ताकि दर्ज विवरण का मिलान किया जा सके। अन्य परिवारों से निर्धारित प्रपत्र के जरिए जानकारी ली जाएगी।
जनगणना का तीसरा चरण 5 से 9 जनवरी 2027 तक चलेगा। इस दौरान प्रगणक पहले दर्ज किए गए विवरणों का पुनरीक्षण करेंगे। निर्धारित संदर्भ समय, यानी 4 जनवरी 2027 की मध्यरात्रि तक की स्थिति के आधार पर जरूरी संशोधन किए जाएंगे। परिवार में जन्म या मृत्यु होने अथवा किसी अन्य विवरण में बदलाव की स्थिति में संबंधित जानकारी अद्यतन की जाएगी।
गोपनीय रहेगी जानकारी, ओटीपी साझा करने की जरूरत नहीं
जिलाधिकारी ने जनगणना में जुटाई जाने वाली व्यक्तिगत जानकारी की गोपनीयता को लेकर भी नागरिकों को आश्वस्त किया। उन्होंने कहा कि जनगणना के लिए दी गई जानकारी गोपनीय रखी जाएगी। इस प्रक्रिया में नागरिकों को किसी के साथ ओटीपी साझा करने या दस्तावेजों की छायाप्रति अथवा फोटो देने की आवश्यकता नहीं है।
डीएम ने कहा कि जनगणना प्रत्येक परिवार और क्षेत्र की वास्तविक स्थिति को समझने का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसके आंकड़ों से गांवों और शहरी क्षेत्रों की जरूरतों के अनुरूप विकास योजनाएं बनाने में मदद मिलती है। उन्होंने जिले के लोगों से निर्धारित समय में सही जानकारी उपलब्ध कराने और जनगणना कार्य में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।